Adivasi Aur Gandhi (आदिवासी और गांधी)

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आदिवासियों के संदर्भ गांधी के विचारों और व्यवहारों की पड़ताल करती पहली और एकमात्र जरूरी पुस्तक.

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Description

स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही सांप्रदायिकता के जिस ‘भगवा धार्मिक उन्माद’ से देश ग्रस्त है, वह गांधी की ही देन है। गांधी के मार्गदर्शन में कांग्रेस ने धर्मांधता की जो फसल बोई, वही अब भाजपा काट रही है। आदिवासी इलाकों में ‘घर वापसी’ गांधी का ही नस्ली कार्यक्रम था। क्योंकि गांधी ने आदिवासियों को असभ्य मानते हुए ‘सभ्यता’ और ‘मुक्ति’ का जो ‘राम’ मंत्र उन्हें दिया था, उसी मंत्र को पिछले सात दशकों में कट्टरवादियों ने विष-बेल की तरह समूचे आदिवासी भारत में फैलाया है। गांधी के नस्लीय व्यवहार की पड़ताल करती यह पहली पुस्तक है जिसमें लेखक ने ऐतिहासिक तथ्यों के सहारे आदिवासियों के संदर्भ में उस राजनीतिक सच को सामने रखा है, जो अभी तक अनकहा है।

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