Konjoga (कोनजोगा)

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आदिवासी दर्शन व साहित्य की अगुआ पैरोकार वंदना टेटे का पहला काव्य संकलन

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Description

यह झारखंड की जानीमानी संस्कृतिकर्मी और आदिवासी दर्शन व साहित्य की अगुआ पैरोकार वंदना टेटे का पहला काव्य संकलन है. इसमें उनकी कुल 53 कविताएं हैं. इन कविताओं में कई मूलतः खड़िया भाषा में लिखी गई हैं जिनके हिंदी अनुवाद को हिंदी कविताओं के साथ शामिल किया गया है. संग्रह में शामिल वंदना टेटे की कविताएं हमें आदिवासी गीतों की परंपरा तक ले जाती हैं जहां कहन भी है और संगीत भी.

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