Sale!

Pralaap (प्रलाप)

150

1935 में प्रकाशित भारत की पहली हिंदी आदिवासी कवयित्री सुशीला सामद का पहला काव्य संग्रह

Compare

Description

भारत की पहली हिंदी आदिवासी कवयित्री सुशीला सामद के पहले दुर्लभ काव्य संग्रह का यह पुनर्प्रकाशन है जो 1935 में प्रकाशित हुई थी.

Reviews

There are no reviews yet.

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.