By toakhra

सृष्टि में जो कुछ भी, सब समान है

– अखड़ा डेस्क | आदिवासी दर्शन प्रकृतिवादी है। आदिवासी समाज धरती, प्रकृति और सृष्टि के ज्ञात-अज्ञात निर्देश, अनुशासन और विधान को सर्वोच्च स्थान देता है। उसके दर्शन में सत्य-असत्य, सुन्दर-असुन्दर, मनुष्य-अमनुष्य जैसी कोई अवधारणा नहीं…

By toakhra

एलिस आपको किसी वंडरलैंड में नहीं ले चलतीं

–  अमरेन्द्र यादव | भारत की पहली आदिवासी स्त्री कथाकार मानी जानेवाली एलिस एक्का, पहली आदिवासी महिला ग्रैजुएट भी थीं. ’50 और ’60 के दशक में साप्ताहिक आदिवासी में छपी उनकी छह कहानियां और उनके…