Sale!

अलिवेलु (तेलुगु का पहला आदिवासी उपन्यास)

By Ekula Venkateswarlu/V. Sheshagiri (Tr.)

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹200.00.

अलिवेलु

आंध्र प्रदेश के यानादि आदिवासी समुदाय की औपन्यासिक कथा हिंदी में पहली बार. तेलुगु से हिंदी में इसका अनुवाद किया है वी. शेषासगिरि ने.

Compare
SKU: pkf-kelung-hin-novel-25-01 Categories: ,

Description

एकुला वेंकटेश्वरलु (इवी) द्वारा रचित और वी. शेषागिरि द्वारा हिंदी में अनूदित ’अलिवेलु’ (एन्नेल नव्वु) तेलुगु का पहला आदिवासी उपन्यास है, जो आंध्र प्रदेश के यानादि आदिवासियों के जीवन-संघर्ष को आत्मकथात्मक शैली में प्रस्तुत करता है। यह उपन्यास भूख, शोषण और सामाजिक अन्याय की पीड़ा को उजागर करता है, जहां आदिवासियों और अन्य पीड़ित समाजों को प्रभु वर्ग की क्रूरता झेलनी पड़ती है। लेकिन ‘अलिवेलु’ के पात्र अपने दुःख पर विलाप नहीं करते, बल्कि उसे जीवन के अनिवार्य संघर्ष के रूप में स्वीकार करते हैं। वे मानवीय संवेदना की चांदनी-सी चमक के साथ जीते हैं, जो पाठकों को गहरी संवेदना और व्यवस्था के प्रति आक्रोश से भर देती है।
यह उपन्यास सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक दस्तावेज भी है, जो आदिवासी समुदाय की अनदेखी पीड़ाओं और उनकी अदम्य जिजीविषा को सामने लाता है। इसमें लेखक ने आदिवासी सौंदर्यबोध, चेतना और जीवन-संघर्ष को सशक्त रूप में व्यक्त किया है, जिससे यह उपन्यास एक मजबूत आदिवासी नैरेटिव बन गया है।

Additional information

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “अलिवेलु (तेलुगु का पहला आदिवासी उपन्यास)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *