‘आदिवासी’ पत्रिका 1939: महासभा विशेषांक

160.00

1939 में प्रकाशित भारत की आदिवासी राजनीति और पत्रकारिता का ऐतिहासिक दस्तावेज

1 in stock

Compare
SKU: pkf-hindi-23-18 Categories: ,

Description

भारत की आदिवासी राजनीति और पत्रकारिता में ‘आदिबासी’ एक सबसे जुझारू और ऐतिहासिक पत्र है।

इसका प्रकाशन 1931 में झारखंड के आदिवासी बुद्धिजीवियों (राय साहब बंदीराम उरांव और जुलियस तिग्गा) ने किया था जो आगे चलकर ‘आदिवासी महासभा’ का सांगठनिक मुखपत्र बना। इसका 1939 का मार्च अंक ‘आदिवासी महासभा विशेषांक’ था। इस अंक में 20-21 जनवरी 1939 को रांची में हुए ‘आदिवासी महासभा’ के आयोजन का आंखों देखा हाल है। दो दिवसीय ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ी हर एक घटना, तैयारी, मुद्दे, प्रस्ताव और महासभा के एक-एक नेतृत्वकर्ता और समर्थक की बातों का ‘लाइव’ वर्णन है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि आज से 40 साल पहले 20-21 जनवरी 1939 को आदिवासियों ने मिलजुल कर क्या-क्या सोचा, विचारा और निर्णय लिया, जिससे आने वाले दिनों में न केवल झारखंड का बल्कि पूरे देश का आदिवासी इतिहास बदल गया तो इस ‘लाइव’ पत्रिका के अंक को जरूर पढ़िए।

प्रकाशक: प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन, रांची (झारखंड)
प्रकाशन वर्ष: 2023, पृष्ठ: 104

Additional information

Weight 0.200 kg
Dimensions 21.60 × 14 × 21.60 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “‘आदिवासी’ पत्रिका 1939: महासभा विशेषांक”

Your email address will not be published. Required fields are marked *