Description
“चाय बागान की कहानी, आदिवासियों की जुबानी” कुलदीप सिंह बम्पाल द्वारा किया गया एक महत्वपूर्ण अध्ययन है, जो आदिवासियत और चाय बागानों में कार्यरत आदिवासी समुदायों के जीवन, संघर्ष और संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक न केवल आदिवासियत को समझने का प्रयास करती है, बल्कि चाय बागान की अनकही कहानियों को भी सामने लाती है, जिसकी रीढ़ आदिवासी हैं। सरल भाषा और जीवंत वर्णन शैली इसे और प्रभावशाली बनाते हैं, जिससे यह शोधार्थियों और समाजशास्त्र में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद उपयोगी अध्ययन बन जाती है।







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