Description
‘हुंवे रइह गेली’ (Hunwe Raih Geli) नागपुरी कविताओं का एक मनोहारी संग्रह है, जिसमें नागपुरी भाषा की मिठास और झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठती है। युवा कवि विक्की मिंज ‘इंजोत’ की ये कविताएँ प्रेम, स्मृतियों, अपनत्व, लोक-परंपराओं और रोज़मर्रा के जीवन से उपजी भावनाओं को अत्यंत सहजता और संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त करती हैं।
संग्रह की प्रत्येक कविता पाठक को झारखंड की मिट्टी, लोकजीवन और आत्मीय परिवेश के और करीब ले जाती है। नागपुरी/सादरी भाषा के पाठकों और साहित्य-प्रेमियों के साथ-साथ झारखंड की भाषायी एवं सांस्कृतिक विविधता को समझने के इच्छुक लोगों के लिए भी यह पुस्तक एक अनूठा साहित्यिक अनुभव है। कवि के शब्दों के माध्यम से नागपुरी कविता की भावपूर्ण दुनिया में उतरने और इस जीवंत संस्कृति की धड़कन को महसूस करने का यह एक सुंदर आमंत्रण है।






