Description
कहानीकार पंकज किस्कू का संताली साहित्य की दुनिया में अपना एक विशिष्ट स्थान है। वे अपनी कहानियों के माध्यम से सामाजिक चेतना को निरंतर जागृत करते रहते हैं। उनके कथन का अंदाज़ अलग, प्रभावशाली और पाठक को बांधे रखने वाला है। ‘इनाक् हासो’ उनका दूसरा कहानी-संग्रह है, जो रोमन लिपि में प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह की अधिकांश कहानियाँ उनके उत्कृष्ट लेखन-संवेदनशीलता, सूक्ष्म अवलोकन और गहन सामाजिक सरोकारों का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन रचनाओं में संताल परगना की पृष्ठभूमि और वहाँ के लोगों की जटिल समस्याओं को सहज और प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने का सार्थक प्रयास दिखाई देता है।
– आलाकज़ाड़ी मुर्मू


