Description
डॉ. रोज केरकेट्टा (5 Dec 1940-17 April 2025) एक सशक्त आदिवासी नारीवादी विचारक थीं। उन्होंने यह स्पष्ट कहा कि मुख्यधारा का नारीवाद अक्सर आदिवासी महिलाओं की आवाज़ को हाशिये पर रख देता है। वे “आदिवासी नारीवाद” (Tribal Feminism) की बात करती थीं — एक ऐसा नारीवाद, जो प्रकृति, संस्कृति, समुदाय और समानता के मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने बार-बार इस बात को उठाया कि आदिवासी समाज में महिलाएँ पारंपरिक रूप से बराबरी की भागीदार रही हैं, पर आधुनिक समाज और व्यवस्था ने उन्हें पीछे धकेला है। इसलिए, उन्होंने आदिवासी महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने का बीड़ा उठाया।
– बिटिया मुर्मू







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