Description
“शहीद पुरखा तेलंगा खड़िया” झारखंड के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी तेलंगा खड़िया (1806-1880) के जीवन, संघर्ष और बलिदान की प्रेरक गाथा है। यह पुस्तक बताती है कि किस प्रकार उन्होंने ब्रिटिश शासन और अन्याय के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित कर स्वाभिमान और स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी।
लेखिका सरोज केरकेट्टा ने इस कृति में इतिहास, लोकस्मृतियों और आदिवासी परंपराओं के आधार पर तेलंगा खड़िया के व्यक्तित्व और उनके आंदोलन को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक न केवल एक वीर योद्धा की कहानी है, बल्कि झारखंड की आदिवासी अस्मिता, साहस और सामुदायिक संघर्ष की भी सशक्त अभिव्यक्ति है।
यह कृति इतिहास, आदिवासी अध्ययन और झारखंड के स्वतंत्रता संग्राम में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी और प्रेरणादायक है।







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