Description
‘वह केवल पेड़ नहीं था’ एक युवा नोक्ते के हृदय की धड़कनें हैं—उसकी संवेदनाओं, अनुभवों और दृष्टिकोण की सशक्त अभिव्यक्ति। यह कविता संग्रह भले ही ‘गैर-आदिवासी’ कविता के औपचारिक मानदंडों के अनुकूल न लगे, लेकिन इसमें आदिवासी अभिव्यक्ति की गहराई को सहजता से महसूस किया जा सकता है। कहीं-कहीं हिंदी की संरचना इन भावनाओं को पूरी तरह वहन नहीं कर पाती, पर रचनाओं की सघनता और कथ्य की तीव्रता भाषा की सीमाओं को पीछे छोड़ देती है। जब आप इन कविताओं को पढ़ेंगे, तो आप सिर्फ शब्द नहीं बल्कि एक जवान आदिवासी आत्मा की आवाज़ सुनेंगे।
– वंदना टेटे







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