Description
‘क्रांतिवीर खाज्या नाईक’ (खानदेश के योद्धा भीलों की अनकही गाथा) डॉ. महेश माधव मोरे द्वारा लिखा गया एक ऐतिहासिक उपन्यास है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अनदेखे और उपेक्षित नायकों में से एक, खाज्या नाईक की वीरगाथा प्रस्तुत करता है। यह उपन्यास 19वीं शताब्दी के खानदेश क्षेत्र में भील योद्धाओं के संघर्ष और उनके स्वाभिमान की कहानी को जीवंत करता है। अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के खिलाफ खाज्या नाईक ने भीलों को संगठित कर सशस्त्र विद्रोह किया। उनकी नेतृत्व क्षमता, युद्धनीति और राष्ट्रप्रेम इस कथा के मुख्य तत्व हैं। यह उपन्यास ऐतिहासिक तथ्यों और लोककथाओं के संयोजन से लिखा गया है, जो पाठकों को उस समय की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों से परिचित कराता है। उपन्यास न केवल एक वीर सेनानी की जीवनी है, बल्कि आदिवासी समाज के संघर्ष और उनकी बलिदान गाथा को भी उजागर करता है।







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